वक्त गुजरता है, गुजरते लोग कई करीब से, पर उनके गुजर जाने का इंतजार आज भी है मुश्किल में हैं वो, परेशान भी वक्त बहुत किये हैं उन्हें, पर उनकी खुशहाल जिंदगी का इत्मिनान मुझे आज भी है
देख लेने दे जी भर के उसकी तस्वीर को मुझे, वादा किया है उससे की संभाल के रखूँगा नही घूर लेने दे उसकी निगाहों को मुझे कम से कम उसकी तस्वीर तो मुझसे खफा नही
चल मेरे संग चल, चल संग मेरे कहीं निकल तेरे संग हो न हो ज़िन्दगी, संग तेरे जीना है ये पल होती होगी किसी को आशिक़ी, मुझको तो है तेरी दिलकशी चल मेरे संग चल, राहें और भी मंजिले हैं दूर ...
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